तक़ाज़ा बिखरतों का है ,सनम तुम पास आ जाओ
तमाशा--हसरतों का है ,सनम तुम पास आ जाओ
न जाने कितने दिन बीते,------कितने और बीतेंगे
ये रिश्ता राहतों का है ,-सनम तुम पास आ जाओ
बहुत लम्बी है तन्हाई ,----न तू आई न मौत आई
मुक़ाबला चाहतों का है ,सनम तुम पास आ जाओ
तुझे अपनी क़सम हम दें,या तुझसे इल्तिज़ा करलें
ये मसला वास्तों का है ,सनम तुम पास आ जाओ
बहारों में भी होता है सुलूक़ ख़ारों सा क्यों मुझसे
ये किस्सा ताक़तों का है,सनम तुम पास आ जाओ
कभी तुम भी तरसोगे ,निगाहे-शौक़ को मेरी
ज़नाज़ा मुहब्बतों का है ,सनम तुम पास आ जाओ
न क़श्ती पायेगी साहिल,----बिना तेरे सनम मेरी
इरादा आफ़तों का है ,--सनम तुम पास आ जाओ
मिटा के हमको छोड़ेंगे,-- ये मौसम हिज़्र के यारा
फ़िज़ा ये उल्फ़तों का है,सनम तुम पास आ जाओ

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