" *क्या खूब लिखा हॆ किसी ने* ,
*गाँव को गाँव् ही रहने दो साहब* ।
*क्यों शहर बनाने में तुले हुवे हो* ...
*गांव में रहोगे तो*
*माता-पिता के नाम से जाने* *जाओगे* ,
*ओर*
*शहर में रहोगे तो* .....
*मकान नंबर से पहचाने जाओगे
*🤝शुभ राञी🤝
*गाँव को गाँव् ही रहने दो साहब* ।
*क्यों शहर बनाने में तुले हुवे हो* ...
*गांव में रहोगे तो*
*माता-पिता के नाम से जाने* *जाओगे* ,
*ओर*
*शहर में रहोगे तो* .....
*मकान नंबर से पहचाने जाओगे
*🤝शुभ राञी🤝
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