: *" नफरतों में क्या रखा हैं ..,*
*मोहब्बत से जीना सीखो..,*
*क्योकि*
*ये दुनियाँ न तो हमारा घर हैं ...*
*और ...*
*न ही आप का ठिकाना ..,*
*याद रहे ! . दूसरा मौका सिर्फ* *कहानियाँ देती हैं , जिन्दगी नहीं....*.. . *मानव कितने भी प्रयत्न कर ले*
*अंधेरे में छाया*
*बुढ़ापे में काया*
*और*
*अंत समय मे माया*
*किसी का साथ नहीं देती*
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